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नवजात शिशॠको केवल तीन चीजों की जरूरत होती है - मां की गोद, मां का दूध और मां के आंचल में सà¥à¤°à¤•à¥à¤·à¤¾à¥¤ सà¥â€à¤¤à¤¨à¤ªà¤¾à¤¨ से इन तीनों जरूरतों को पूरा किया जा सकता है लेकिन अगर शिशॠको मां के दूध की जगह पाउडर मिलà¥â€à¤• दिया जाठतो इसका कà¥â€à¤¯à¤¾ असर पड़ता है?
नौ महीने की पà¥à¤°à¥‡à¤—à¥â€à¤¨à¥‡à¤‚सी और डिलीवरी के बाद मां की अगली जिमà¥â€à¤®à¥‡à¤¦à¤¾à¤°à¥€ होती है शिशॠको दूध पिलाना। केवल किसी गंà¤à¥€à¤° सà¥â€à¤µà¤¾à¤¸à¥â€à¤¥à¥â€à¤¯ समसà¥â€à¤¯à¤¾ के चलते ही शिशॠको मां का दूध नहीं दिया जाता है। हालांकि, अब नौकरी या अनà¥â€à¤¯ वजहों से पाउडर या फॉरà¥à¤®à¥‚ला मिलà¥â€à¤• को à¤à¥€ तवजà¥â€à¤œà¥‹ मिलने लगी है।
लेकिन कà¥â€à¤¯à¤¾ आप इस बात से वाकिफ हैं कि शिशॠके लिठपाउडर मिलà¥â€à¤• सà¥à¤°à¤•à¥à¤·à¤¿à¤¤ होता है या नहीं और शिशॠको इससे किसी तरह का कोई नà¥à¤•सान तो नहीं पहà¥à¤‚चता।
कà¥â€à¤¯à¤¾ होता है पाउडर मिलà¥â€à¤•
बà¥à¤°à¥‡à¤¸à¥â€à¤Ÿ मिलà¥â€à¤• के विकलà¥â€à¤ª के तौर पर पाउडर या फॉरà¥à¤®à¥‚ला मिलà¥â€à¤• दिया जाता है। डिलीवरी के बाद सà¤à¥€ महिलाओं के सà¥â€à¤¤à¤¨à¥‹à¤‚ में परà¥à¤¯à¤¾à¤ªà¥â€à¤¤ दूध नहीं बन पाता है, à¤à¤¸à¥€ सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ में पाउडर मिलà¥â€à¤• दिया जा सकता है। लिकà¥à¤µà¤¿à¤¡ मिलà¥â€à¤• को वेपराइज करके मिलà¥â€à¤• पाउडर बनाया जाता है। इससे शिशॠको कई पोषक ततà¥â€à¤µ मिल जाते हैं।
Baby Food: जानें बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ को कब और कैसे खिलाà¤à¤‚ शहद, सेहत के लिठकà¥à¤¯à¤¾ हैं इसके फायदे
- आमतौर पर 1 वरà¥à¤· या इससे अधिक उमà¥à¤° के बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ को शहद चटाना चाहिà¤à¥¤ दरअसल à¤à¤• वरà¥à¤· के बाद बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ को शहद देने से किसी तरह की सà¥à¤µà¤¾à¤¸à¥à¤¥à¥à¤¯ समसà¥à¤¯à¤¾ नहीं होती है और बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ को आहार का सà¥à¤µà¤¾à¤¦ à¤à¥€ समठमें आने लगता है।
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1 वरà¥à¤· या इससे अधिक उमà¥à¤° के बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ को समय पर शहद खिलाने से तà¥à¤µà¤šà¤¾ से जà¥à¤¡à¤¼à¥€ समसà¥à¤¯à¤¾à¤à¤‚ जैसे à¤à¤•à¥à¤œà¤¿à¤®à¤¾ या सोरायसिस नहीं होता है। इसके अलावा à¤à¥€ शहद चटाने से सà¥à¤µà¤¾à¤¸à¥à¤¥à¥à¤¯ को कई फायदे होते हैं।
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शहद का सेवन करने से बचà¥à¤šà¤¾ तंदà¥à¤°à¥à¤¸à¥à¤¤ रहता है और शरीर को परà¥à¤¯à¤¾à¤ªà¥à¤¤ ऊरà¥à¤œà¤¾ मिलती है।
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शहद में à¤à¤‚टीऑकà¥à¤¸à¥€à¤¡à¥‡à¤‚ट पाया जाता है जो बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ के शरीर में सूजन की समसà¥à¤¯à¤¾ को कम करता है और आंतरिक अंगों को à¤à¥€ मजबूत रखता है।
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छोटे बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ के पेट में अकà¥à¤¸à¤° कबà¥à¤œ या गैसà¥à¤Ÿà¥à¤°à¥‹à¤à¤¸à¥‹à¤«à¥‡à¤—ल रिफà¥à¤²à¤•à¥à¤¸ डिजीज की समसà¥à¤¯à¤¾ होती है। बचà¥à¤šà¥‡ को शहद खिलाने से पेट संबंधी समसà¥à¤¯à¤¾à¤à¤‚ और à¤à¤¸à¤¿à¤¡à¤¿à¤Ÿà¥€ दूर हो जाती है।
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दूध पीने के कारण कई बार बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ के मà¥à¤‚ह से दà¥à¤°à¥à¤—ंध आती है। à¤à¤¸à¥€ सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ में बचà¥à¤šà¥‡ को शहद चटाने से मà¥à¤‚ह की दà¥à¤°à¥à¤—ंध दूर हो जाती है। शहद में à¤à¤‚टी बैकà¥à¤Ÿà¥€à¤°à¤¿à¤¯à¤² गà¥à¤£ पाया जाता है जो ओरल हेलà¥à¤¥ के लिठफायदेमंद होता है।
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शहद में à¤à¤‚टीऑकà¥à¤¸à¥€à¤¡à¥‡à¤‚ट गà¥à¤£ पाया जाता है जो इमà¥à¤¯à¥à¤¨à¤¿à¤Ÿà¥€ को बढ़ाने के साथ ही लिवर को à¤à¥€ सà¥à¤°à¤•à¥à¤·à¤¾ पà¥à¤°à¤¦à¤¾à¤¨ करता है। बचà¥à¤šà¥‡ की इमà¥à¤¯à¥à¤¨à¤¿à¤Ÿà¥€ मजबूत होने पर बीमारियों से बचाव होता है।
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बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ को चमà¥à¤®à¤š या निपल से कम मातà¥à¤°à¤¾ में शहद देना चाहिà¤à¥¤ इससे यह जानने में आसानी होती है कि शहद से बचà¥à¤šà¥‡ को कोई à¤à¤²à¤°à¥à¤œà¥€ हो रही है या नहीं। इसके अलावा बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ को निमà¥à¤¨ तरीकों से शहद दिया जा सकता है:
ओटमील में शहद मिलाकरजैम की जगह बà¥à¤°à¥‡à¤¡ पर शहद लगाकरदही में शहद मिलाकरसà¥à¤®à¥‚दी में शहद मिलाकर
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बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ को हमेशा शà¥à¤¦à¥à¤§ शहद देना चाहिà¤à¥¤à¤à¤²à¤°à¥à¤œà¥€ होने पर बचà¥à¤šà¥‡ को शहद देना बंद कर देना चाहिà¤à¥¤à¤¶à¤¹à¤¦ में चीटियां लग गयी हों तो बचà¥à¤šà¥‡ को न दें।
इस तरह औषधीय गà¥à¤£à¥‹à¤‚ से à¤à¤°à¤ªà¥‚र होने के कारण à¤à¤• वरà¥à¤· के बाद बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ को शहद खिलाना बेहद फायदेमंद होता है। हालांकि डॉकà¥à¤Ÿà¤° की सलाह लेकर ही बचà¥à¤šà¥‡ को शहद देना चाहिà¤à¥¤
पाउडर मिलà¥â€à¤• पीने के फायदे
शिशॠको पाउडर मिलà¥â€à¤• देने के à¤à¥€ कई फायदे होते हैं जैसे कि :
इसमें आयरन, कैलà¥à¤¶à¤¿à¤¯à¤® और विटामिन होते हैं जो शिशॠमें à¤à¤¨à¥€à¤®à¤¿à¤¯à¤¾ को रोकने में मदद करते हैं।
आप शिशॠको कà¤à¥€ à¤à¥€ और कहीं à¤à¥€ पाउडर मिलà¥â€à¤• दे सकती हैं।
निपà¥â€à¤ªà¤² में दरà¥à¤¦ और दूध लीक होना आम समसà¥â€à¤¯à¤¾à¤à¤‚ हैं। à¤à¤¸à¥‡ में आप दरà¥à¤¦ से बचने के लिठपाउडर मिलà¥â€à¤• का इसà¥â€à¤¤à¥‡à¤®à¤¾à¤² कर सकती हैं।
पाउडर मिलà¥â€à¤• शिशॠको पिलाने के लिठहर समय मां की जरूरत नहीं पड़ती है। घर का कोई à¤à¥€ सदसà¥â€à¤¯ पाउडर मिलà¥â€à¤• तैयार कर बचà¥â€à¤šà¥‡ को पिला सकता है।
शिशॠको सà¥â€à¤¤à¤¨à¤ªà¤¾à¤¨ करवाने की वजह से महिलाओं को अपनी डायट का बहà¥à¤¤ धà¥â€à¤¯à¤¾à¤¨ रखना पड़ता है, लेकिन पाउडर मिलà¥â€à¤• के साथ à¤à¤¸à¤¾ नहीं है। इसमें मांà¤à¤‚ अपनी पसंद का कà¥à¤› à¤à¥€ खा सकती हैं।
आमतौर पर 1 वरà¥à¤· या इससे अधिक उमà¥à¤° के बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ को शहद चटाना चाहिà¤à¥¤ दरअसल à¤à¤• वरà¥à¤· के बाद बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ को शहद देने से किसी तरह की सà¥à¤µà¤¾à¤¸à¥à¤¥à¥à¤¯ समसà¥à¤¯à¤¾ नहीं होती है और बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ को आहार का सà¥à¤µà¤¾à¤¦ à¤à¥€ समठमें आने लगता है।
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1 वरà¥à¤· या इससे अधिक उमà¥à¤° के बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ को समय पर शहद खिलाने से तà¥à¤µà¤šà¤¾ से जà¥à¤¡à¤¼à¥€ समसà¥à¤¯à¤¾à¤à¤‚ जैसे à¤à¤•à¥à¤œà¤¿à¤®à¤¾ या सोरायसिस नहीं होता है। इसके अलावा à¤à¥€ शहद चटाने से सà¥à¤µà¤¾à¤¸à¥à¤¥à¥à¤¯ को कई फायदे होते हैं।
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शहद का सेवन करने से बचà¥à¤šà¤¾ तंदà¥à¤°à¥à¤¸à¥à¤¤ रहता है और शरीर को परà¥à¤¯à¤¾à¤ªà¥à¤¤ ऊरà¥à¤œà¤¾ मिलती है।
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शहद में à¤à¤‚टीऑकà¥à¤¸à¥€à¤¡à¥‡à¤‚ट पाया जाता है जो बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ के शरीर में सूजन की समसà¥à¤¯à¤¾ को कम करता है और आंतरिक अंगों को à¤à¥€ मजबूत रखता है।
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छोटे बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ के पेट में अकà¥à¤¸à¤° कबà¥à¤œ या गैसà¥à¤Ÿà¥à¤°à¥‹à¤à¤¸à¥‹à¤«à¥‡à¤—ल रिफà¥à¤²à¤•à¥à¤¸ डिजीज की समसà¥à¤¯à¤¾ होती है। बचà¥à¤šà¥‡ को शहद खिलाने से पेट संबंधी समसà¥à¤¯à¤¾à¤à¤‚ और à¤à¤¸à¤¿à¤¡à¤¿à¤Ÿà¥€ दूर हो जाती है।
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दूध पीने के कारण कई बार बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ के मà¥à¤‚ह से दà¥à¤°à¥à¤—ंध आती है। à¤à¤¸à¥€ सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ में बचà¥à¤šà¥‡ को शहद चटाने से मà¥à¤‚ह की दà¥à¤°à¥à¤—ंध दूर हो जाती है। शहद में à¤à¤‚टी बैकà¥à¤Ÿà¥€à¤°à¤¿à¤¯à¤² गà¥à¤£ पाया जाता है जो ओरल हेलà¥à¤¥ के लिठफायदेमंद होता है।
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शहद में à¤à¤‚टीऑकà¥à¤¸à¥€à¤¡à¥‡à¤‚ट गà¥à¤£ पाया जाता है जो इमà¥à¤¯à¥à¤¨à¤¿à¤Ÿà¥€ को बढ़ाने के साथ ही लिवर को à¤à¥€ सà¥à¤°à¤•à¥à¤·à¤¾ पà¥à¤°à¤¦à¤¾à¤¨ करता है। बचà¥à¤šà¥‡ की इमà¥à¤¯à¥à¤¨à¤¿à¤Ÿà¥€ मजबूत होने पर बीमारियों से बचाव होता है।
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बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ को चमà¥à¤®à¤š या निपल से कम मातà¥à¤°à¤¾ में शहद देना चाहिà¤à¥¤ इससे यह जानने में आसानी होती है कि शहद से बचà¥à¤šà¥‡ को कोई à¤à¤²à¤°à¥à¤œà¥€ हो रही है या नहीं। इसके अलावा बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ को निमà¥à¤¨ तरीकों से शहद दिया जा सकता है:
ओटमील में शहद मिलाकरजैम की जगह बà¥à¤°à¥‡à¤¡ पर शहद लगाकरदही में शहद मिलाकरसà¥à¤®à¥‚दी में शहद मिलाकर
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बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ को हमेशा शà¥à¤¦à¥à¤§ शहद देना चाहिà¤à¥¤à¤à¤²à¤°à¥à¤œà¥€ होने पर बचà¥à¤šà¥‡ को शहद देना बंद कर देना चाहिà¤à¥¤à¤¶à¤¹à¤¦ में चीटियां लग गयी हों तो बचà¥à¤šà¥‡ को न दें।
इस तरह औषधीय गà¥à¤£à¥‹à¤‚ से à¤à¤°à¤ªà¥‚र होने के कारण à¤à¤• वरà¥à¤· के बाद बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ को शहद खिलाना बेहद फायदेमंद होता है। हालांकि डॉकà¥à¤Ÿà¤° की सलाह लेकर ही बचà¥à¤šà¥‡ को शहद देना चाहिà¤à¥¤
पाउडर मिलà¥â€à¤• पिलाने के दà¥à¤·à¥â€à¤ªà¥à¤°à¤à¤¾à¤µ
किसी à¤à¥€ चीज का अगर फायदा होता है तो उसके कà¥à¤› नà¥à¤•सान à¤à¥€ जरूर होते हैं।
बà¥à¤°à¥‡à¤¸à¥â€à¤Ÿ मिलà¥â€à¤• फà¥à¤°à¥€ होता है जबकि पाउडर मिलà¥â€à¤• बहà¥à¤¤ महंगा आता है। इसके बाद दूध की बोतल और निपà¥â€à¤ªà¤² का खरà¥à¤š अलग।
पाउडर मिलà¥â€à¤• में बोतल और निपà¥â€à¤ªà¤² को बार-बार धोना, दूध को गरà¥à¤® करना और दूध तैयार करने जैसे काम à¤à¥€ करने पड़ते हैं जबकि बà¥à¤°à¥‡à¤¸à¥â€à¤Ÿ मिलà¥â€à¤• पिलाना आसान होता है।मां के दूध में जरूरी à¤à¤‚टीबॉडीज और गà¥à¤°à¥‹à¤¥ हारà¥à¤®à¥‹à¤¨ पà¥à¤°à¤¾à¤•ृतिक रूप से मौजूद होते हैं। पाउडर मिलà¥â€à¤• में इन चीजों की कमी होती है। इसकी वजह से बचà¥â€à¤šà¥‡ जलà¥â€à¤¦à¥€ बीमार पड़ते हैं और उनमें संकà¥à¤°à¤®à¤£ होने का खतरा à¤à¥€ बढ़ जाता है।
मां का दूध आसानी से पच जाता है जबकि फॉरà¥à¤®à¥‚ला और पाउडर मिलà¥â€à¤• को पचाना मà¥à¤¶à¥à¤•िल होता है। इससे शिशॠको कबà¥â€à¤œ और गैस की परेशानी हो सकती है।
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